आँखों से बात हुई फिर बिस्तर गर्म हुआ – एक अजनबी सेक्स स्टोरी

Ajnabi Ladki Sex Story :- मेरा नाम अर्जुन है, उम्र 29 साल। मैं दिल्ली में एक मार्केटिंग जॉब करता हूँ। मेरा जिस्म मज़बूत है—चौड़ी छाती, मोटा लंड, और एक ऐसी हवस जो किसी की चूत को तबाह कर सकती है। ये बात पिछले महीने की है, जब मैं एक लोकल बस में सफर कर रहा था। बस भरी हुई थी, और मैं खड़े-खड़े थक गया था। तभी मेरी नज़र एक लड़की पर पड़ी। उसका नाम खुशबू था—25 साल की, गोरी, भरी हुई चूचियाँ, मोटी जाँघें, और एक ऐसी गांड जो उसकी टाइट जींस में मटक रही थी। उसकी जवानी सुलग रही थी—उसके गुलाबी होंठ और उसकी कमर की लचक मुझे तड़पाने लगी। वो मेरे पास खड़ी थी, और उसकी आँखें मेरी आँखों से टकराईं। उसकी नज़रों में एक शरारत थी, और मेरे लंड में हलचल होने लगी।

बस में धक्का-मुक्की हुई, और खुशबू मेरे और करीब आ गई। उसकी चूचियाँ मेरे सीने से टकराईं, और उसकी गर्म साँसें मेरे चेहरे पर फैल गईं। मैंने उसकी आँखों में देखा, और उसने हल्की सी मुस्कान दी। “सॉरी,” उसने फुसफुसाया, लेकिन उसकी आवाज़ में मस्ती थी। “कोई बात नहीं,” मैंने कहा, और मेरी नज़रें उसकी चूचियों पर टिक गईं। बस में भीड़ बढ़ी, और उसकी गांड मेरे लंड से रगड़ खाने लगी। मेरा लंड पैंट में तन गया। उसने पीछे मुड़कर देखा, और उसकी आँखों में हवस चमक उठी। “कहाँ जाना है?” मैंने पूछा। “कहीं भी, बस मज़ा होना चाहिए,” उसने शरारती लहजे में कहा। आँखों से बात हुई, और मेरे मन में उसकी चूत और गांड चोदने का ख्याल बस गया।

मेरा स्टॉप आया, और मैंने उसे इशारा किया। वो मेरे साथ उतर गई। “तुम्हारा नाम क्या है?” मैंने पूछा। “खुशबू,” उसने मुस्कुराते हुए कहा। मैंने उसे पास के एक गेस्ट हाउस में ले जाया। कमरे में घुसते ही उसने दरवाजा बंद कर दिया। मैंने उसे दीवार से सटा दिया और उसके गुलाबी होंठों पर एक जंगली किस कर दिया। मेरी जीभ उसके मुँह में घुस गई, और मैं उसके होंठों को चूसने लगा। उसका किस इतना गर्म था कि मेरा लंड पैंट में तड़पने लगा। उसने मेरी शर्ट के बटन खोल दिए, और उसकी उंगलियाँ मेरी चौड़ी छाती पर फिसलने लगीं। “अर्जुन, तू बहुत गर्म है,” उसने सिसकते हुए कहा। मैंने उसकी टी-शर्ट ऊपर उठाई, और उसकी गोरी चूचियाँ मेरे सामने नंगी हो गईं। “खुशबू, तेरी चूचियाँ कितनी मस्त हैं,” मैंने गुर्राया। मैंने उसकी एक चूची को अपने मुँह में लिया और उसे ज़ोर से चूसने लगा। मेरी जीभ उसके निप्पल पर नाच रही थी, और मेरा दूसरा हाथ उसकी दूसरी चूची को मसल रहा था। वो सिसकारियाँ भर रही थी, “अर्जुन, मेरी चूचियाँ चूसो!”

मैंने उसकी टी-शर्ट फाड़ डाली और उसकी जींस नीचे खींच दी। उसकी मोटी जाँघें नंगी हो गईं। मैंने उसकी पैंटी फाड़ डाली, और उसकी गीली चूत और टाइट गांड मेरे सामने चमक रही थी। “खुशबू, तेरी चूत और गांड देखकर मेरा लंड तड़प रहा है,” मैंने कहा। मैंने उसकी जाँघें फैलाईं और उसकी चूत को चूम लिया। मेरी उंगलियाँ उसकी चूत को रगड़ने लगीं, और वो चीख उठी। मैंने उसकी चूत में जीभ डाल दी, और उसका गर्म रस मेरे मुँह में फैल गया। “अर्जुन, मेरी चूत चाटो!” उसने सिसकते हुए कहा। मैंने उसकी चूत को चाट-चाटकर गीला कर दिया। उसकी सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं। मैंने उसकी गांड को सहलाया और उसके चूतड़ों पर थप्पड़ मारे। “तेरी गांड कितनी मस्त है,” मैंने कहा। मैंने उसकी गांड में उंगली डाली, और वो चीख पड़ी, “अर्जुन, क्या कर रहा है?”

मैंने अपनी पैंट उतारी, और मेरा मोटा लंड उसके सामने नंगा हो गया। “अर्जुन, तेरा लंड कितना मस्त है,” उसने सिसकते हुए कहा। उसने मेरे लंड को अपने नरम हाथों में लिया और उसे चूसने लगी। उसकी गर्म जीभ मेरे लंड पर फिसल रही थी, और मेरे जिस्म में आग लग गई। मैंने उसे बिस्तर पर पटक दिया और उसकी जाँघें फैलाईं। “खुशबू, अब तेरी चूत की चुदाई होगी,” मैंने गुर्राया। मैंने उसके होंठों पर एक और जंगली किस किया, मेरी जीभ उसकी चूचियों तक सरकी, और मैंने उसके निप्पल को काट लिया। मैंने अपने लंड को उसकी चूत में सटा दिया और एक ज़ोरदार धक्का मारा। उसकी चीख गूँज उठी, “अर्जुन, तेरा लंड मेरी चूत फाड़ देगा!” मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया। मैंने उसकी कमर जकड़ी और उसे चोदना शुरू कर दिया। मेरे हर धक्के से उसकी चूचियाँ उछल रही थीं, और उसकी गांड बिस्तर से टकरा रही थी। “अर्जुन, और ज़ोर से चोदो!” उसने चीखा। मैंने उसकी चूत को तबाह कर दिया।

मैंने उसे उल्टा किया। उसकी गांड ऊँची हुई, और उसके चूतड़ मेरे सामने थिरक रहे थे। “खुशबू, अब तेरी गांड मारूँगा,” मैंने कहा। मैंने उसके चूतड़ों पर थप्पड़ मारे और उसकी गांड को सहलाया। “अर्जुन, मेरी गांड में डालो!” उसने सिसकते हुए कहा। मैंने अपने लंड को उसकी गांड के छेद पर सटा दिया और एक धक्का मारा। मेरा लंड उसकी टाइट गांड में घुस गया। उसकी चीख हवा में गूँज उठी, “अर्जुन, मेरी गांड फट गई!” मैंने उसकी कमर पकड़ी और उसकी गांड को चोदना शुरू कर दिया। मेरे धक्कों से उसकी चूचियाँ हिल रही थीं, और उसकी चीखें तेज़ हो गईं। “खुशबू, तेरी गांड चोदने का मज़ा ही अलग है,” मैंने गुर्राया। मैंने उसे और ज़ोर से चोदा, उसकी गांड लाल हो गई।

मैंने उसे बिस्तर से उठाकर दीवार से सटाया। उसकी चूत में फिर से लंड डाला और उसे चोदा। “अर्जुन, मेरी चूत और गांड दोनों चोद!” उसने चीखा। मैंने उसकी चूत को चोदा, फिर उसकी गांड में लंड ठूँस दिया। उसकी चीखें कमरे में गूँज रही थीं। मैंने उसे बाथरूम में ले जाया। शॉवर के नीचे उसकी गांड को चोदा। पानी उसकी चूचियों से टपक रहा था। मैंने उसे कंधों पर उठाया और उसकी चूत में लंड डाला। “अर्जुन, मेरी जवानी को चोद डाल!” उसने सिसकते हुए कहा। मैंने उसे बिस्तर पर लौटाकर उसकी चूत और गांड को बारी-बारी चोदा। बिस्तर गर्म हो गया, और उसकी चीखें रुक नहीं रही थीं।

उस दिन आँखों से शुरू हुई बात बिस्तर की चुदाई में बदल गई। खुशबू की चूत, गांड, चूचियाँ, जाँघें, चूतड़ मेरे लंड की गर्मी से भर गए। उसकी जवानी मेरे सामने नंगी थी, और उसकी चीखें मेरे कानों में गूँजती रहीं।