होली में देवर, पति और ससुर तीनों मिलकर रंग लगाया और चोदा

Bhabhi ki Chudai Pati Devar aur Sasur Holi Sex Story in Hindi : मेरा नाम काजल है, उम्र 27 साल। मैं दिल्ली के एक बड़े घर में अपने पति, अजय, के साथ रहती हूँ। मेरा जिस्म आग की तरह जलता है—गोरी चमड़ी, भरी हुई चूचियाँ, मोटी जाँघें, पतली कमर, और एक ऐसी गांड जो साड़ी में लहराती है। मेरा पति, अजय, 32 साल का है—मज़बूत जिस्म, मोटा लंड, और हवस से भरी आँखें। मेरा देवर, राहुल, 25 साल का जवान है—चौड़ी छाती, तड़पता लंड, और शरारती मुस्कान। मेरे ससुर, विजय, 55 साल के हैं, लेकिन अभी भी जवानी की गर्मी बरकरार है—मज़बूत कंधे और सख्त लंड। होली का दिन था, और घर में रंगों की मस्ती शुरू हो चुकी थी। मेरी जवानी सुलग रही थी, और तीनों मर्दों की नज़रें मेरे जिस्म को चाट रही थीं।

होली की सुबह मैंने एक टाइट सफेद कुर्ती और चूड़ीदार पहनी थी। कुर्ती मेरी चूचियों से चिपक रही थी, और चूड़ीदार मेरी गांड को उभार रहा था। घर के आँगन में रंगों का ढेर लगा था। अजय सुबह से ही शरारत के मूड में था। उसने मेरे पास आकर मेरे गालों पर गुलाल मला। “काजल, आज तुझे रंगों से सराबोर करूँगा,” उसने शरारती लहजे में कहा। उसकी गर्म साँसें मेरे चेहरे पर टकराईं, और मेरी चूत में हलचल होने लगी। राहुल बाहर से आया, उसके हाथों में रंग की थैली थी। “भाभी, होली बिना रंग के थोड़े न होती,” उसने हँसते हुए कहा और मेरी चूचियों पर रंग मल दिया। मैं सिहर उठी, और मेरी चूत गीली हो गई। ससुर जी भी आ गए, उनके हाथ में रंग की पिचकारी थी। “काजल, बहू को पूरा रंग दो,” उन्होंने गुर्राकर कहा और मेरी गांड पर पिचकारी मार दी। रंग मेरे चूतड़ों से टपक रहा था, और तीनों की नज़रें मेरे जिस्म को नोच रही थीं।

हम छत पर चले गए। अजय ने मुझे पीछे से पकड़ा और मेरे होंठों पर एक जंगली किस कर दिया। उसकी जीभ मेरे मुँह में घुस गई, और मैं उसके होंठों को चूसने लगी। उसका किस इतना गर्म था कि मेरी चूत टपकने लगी। राहुल मेरे पीछे आया और मेरी गांड पर रंग मलते हुए मेरे चूतड़ों को दबाने लगा। “भाभी, तेरी गांड कितनी रसीली है,” उसने फुसफुसाया। ससुर जी मेरे सामने आए और मेरी चूचियों पर रंग डालकर उन्हें मसलने लगे। “काजल, तेरी चूचियाँ देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया,” उन्होंने कहा। मैंने अजय की शर्ट फाड़ डाली, उसकी चौड़ी छाती पर रंग मला। राहुल की टी-शर्ट उतारी, और ससुर की कुर्ता फाड़कर उनके मज़बूत जिस्म को सहलाया। तीनों की हवस मेरे जिस्म को जलाने लगी थी।

अजय ने मेरी कुर्ती खींचकर फाड़ डाली। मेरी गोरी चूचियाँ नंगी हो गईं। “काजल, तेरी चूचियाँ कितनी मस्त हैं,” उसने गुर्राया। उसने मेरी एक चूची को अपने मुँह में लिया और ज़ोर से चूसने लगा। मेरी चूची का निप्पल उसकी जीभ से सख्त हो गया। राहुल ने मेरी चूड़ीदार नीचे खींच दी। मेरी मोटी जाँघें नंगी हो गईं, और उसने मेरी पैंटी फाड़ डाली। मेरी चूत उसके सामने चमक रही थी—गीली और गुलाबी। “भाभी, तेरी चूत देखकर मेरा लंड तड़प रहा है,” उसने कहा। ससुर जी ने मेरी दूसरी चूची को चूसा और अपनी उंगलियाँ मेरी चूत में डाल दीं। “काजल, तेरी चूत कितनी गर्म है,” उन्होंने सिसकते हुए कहा। मैं चीख रही थी, “चूसो, मेरी चूत को चाटो!” राहुल ने मेरी जाँघें फैलाईं और मेरी चूत में जीभ डाल दी। उसकी जीभ मेरी चूत को चाट रही थी, और मैं सिसकारियाँ भर रही थी। अजय मेरे होंठों को चूस रहा था, और ससुर मेरे चूतड़ों को मसल रहे थे।

तीनों ने अपनी पैंट उतारी। अजय का मोटा लंड, राहुल का सख्त लंड, और ससुर का ताकतवर लंड मेरे सामने नंगे हो गए। “काजल, हमारे लंड को चूस,” अजय ने कहा। मैंने अजय के लंड को अपने मुँह में लिया और चूसने लगी। उसकी गर्मी मेरे गले तक जा रही थी। राहुल का लंड मेरे हाथों में था, और मैं उसे सहला रही थी। ससुर ने मेरे मुँह में अपना लंड ठूँस दिया। “काजल, मेरे लंड को चाट,” उन्होंने गुर्राया। मैं तीनों के लंड को बारी-बारी चूस रही थी, और मेरी चूत उनकी चुदाई के लिए तड़प रही थी। अजय ने मुझे छत पर लिटाया और मेरे ऊपर चढ़ गया। उसकी जाँघें मेरी जाँघों को कुचल रही थीं। “काजल, अब तेरी चूत को चोदता हूँ,” उसने कहा। उसने अपने लंड को मेरी चूत में सटा दिया और एक ज़ोरदार धक्का मारा। मेरी चीख गूँज उठी, “अजय, तेरा लंड मेरी चूत फाड़ देगा!” उसका लंड मेरी चूत में घुस गया। उसने मेरी कमर जकड़ी और मुझे चोदना शुरू कर दिया। मेरी चूचियाँ उछल रही थीं, और मेरी गांड उसके धक्कों से टकरा रही थी।

राहुल मेरे पास आया। “भाभी, मेरी बारी,” उसने कहा। अजय हटा, और राहुल ने मुझे उल्टा कर दिया। मेरी गांड ऊँची हुई, और उसने मेरी चूत में पीछे से अपना लंड घुसा दिया। “भाभी, तेरी चूत कितनी टाइट है,” उसने गुर्राया। उसने मेरे चूतड़ों पर थप्पड़ मारे और मुझे ज़ोर से चोदा। मेरी चीखें तेज़ हो गईं। ससुर मेरे सामने आए और मेरे मुँह में अपना लंड डाल दिया। “काजल, इसे चूस,” उन्होंने कहा। मैं ससुर के लंड को चूस रही थी, और राहुल मेरी चूत को तबाह कर रहा था। अजय मेरी चूचियों को मसल रहा था। “रवि, अब मेरी बारी,” ससुर ने कहा। राहुल हटा, और ससुर ने मुझे छत पर लिटाया। मेरी जाँघें फैलाईं और मेरी चूत में अपना लंड ठूँस दिया। “काजल, तेरी चूत को चोदने का मज़ा ही अलग है,” उन्होंने चीखा। उनकी चुदाई से मेरी गांड हिल रही थी।

हम बेडरूम में गए। अजय ने मुझे बिस्तर पर पटक दिया और मेरी चूत में लंड डाला। “काजल, तेरी चूत को फिर चोदूँगा,” उसने कहा। राहुल मेरे मुँह में अपना लंड ठूँस रहा था, और ससुर मेरी गांड को सहला रहे थे। “काजल, तेरी गांड भी चोदेंगे,” ससुर ने कहा। उन्होंने मेरी गांड में उंगली डाली, और मैं सिहर उठी। अजय मेरी चूत को चोद रहा था, और ससुर ने मेरी गांड में अपना लंड सटा दिया। एक धक्के से उनका लंड मेरी गांड में घुस गया। मैं चीख रही थी, “ससुर जी, मेरी गांड फट जाएगी!” राहुल मेरे मुँह को चोद रहा था। तीनों मेरे जिस्म को निचोड़ रहे थे।

हम रसोई में गए। अजय ने मुझे काउंटर पर बिठाया और मेरी चूत में लंड डाला। “काजल, तेरी चूत को बार-बार चोदना चाहता हूँ,” उसने कहा। राहुल मेरे पीछे आया और मेरी गांड में लंड घुसा दिया। “भाभी, तेरी गांड मस्त है,” उसने चीखा। ससुर मेरे मुँह में अपना लंड डालकर चुसवा रहे थे। तीनों की चुदाई से मेरी चीखें रुक नहीं रही थीं। फिर हम बाथरूम में गए। शॉवर के नीचे अजय ने मेरी चूत को चोदा, राहुल ने मेरी गांड में लंड डाला, और ससुर ने मेरी चूचियों को मसला। मेरी चूत और गांड एक साथ चुद रही थी। “काजल, तेरे जिस्म को रंग और चुदाई से भर देंगे,” अजय ने कहा।

होली की वो दोपहर मेरे लिए रंग और चुदाई से भरी थी। मेरी चूत, गांड, चूचियाँ, जाँघें, चूतड़ तीनों के लंड की गर्मी से भर गए। उनकी चीखें और मेरा जुनून पूरे घर में गूँजता रहा।