Devar Bhabhi Sex Story : मेरा नाम राधिका है, और मैं 28 साल की हूँ। मैं एक शादीशुदा औरत हूँ, और मेरा पति, अजय, 32 साल का है। हम एक छोटे से शहर में रहते हैं। मेरा शरीर भरा हुआ है—गोरी चमड़ी, मोटे चूचे, और भारी गांड। लेकिन मेरा पति ज्यादातर काम में व्यस्त रहता है, और मेरी चूत की प्यास कभी पूरी नहीं होती। मेरा देवर, रोहन, 24 साल का है—जवान, मज़बूत, और उसकी पैंट में उभरता लंड मुझे हमेशा तड़पाता था। रोहन हमारे साथ ही रहता है, और उसकी नज़रें मुझे गर्म कर देती थीं।
कल रात की बात है। अजय ऑफिस के काम से देर से आया और रात के 11 बजे सो गया। मैं बिस्तर पर लेटी थी, लेकिन मेरी चूत में खुजली हो रही थी। मैंने सोचा, “क्यों ना रोहन से बात कर लूँ?” मैंने एक पतली नाइटी पहनी, जिसमें मेरे चूचे और गांड साफ़ दिख रहे थे, और चुपके से रोहन के कमरे में चली गई। रोहन अपने बिस्तर पर लेटा था। “भाभी, इतनी रात को यहाँ?” उसने हैरानी से पूछा।
“रोहन, मुझे नींद नहीं आ रही, थोड़ा बात कर लें?” मैंने शरारती अंदाज़ में कहा। रोहन ने मुझे ऊपर से नीचे तक देखा और मुस्कुराया। “भाभी, आप आज बहुत हॉट लग रही हो,” उसने कहा और मेरे करीब आ गया। “रोहन, अजय सो गया है, और मेरी चूत की प्यास बुझाने वाला कोई नहीं है,” मैंने फुसफुसाते हुए कहा। यह सुनते ही रोहन की आँखें चमक उठीं।
उसने मुझे अपनी बाहों में खींच लिया। “भाभी, आपकी चूत को आज खुश कर दूँगा,” उसने कहा और मेरी नाइटी फाड़ दी। मेरे चूचे नंगे हो गए। “क्या मस्त चूचे हैं, भाभी,” रोहन ने कहा और एक निप्पल को मुँह में भर लिया। “आह्ह, रोहन, चूसो,” मैं सिसक उठी। मेरी चूत से रस टपकने लगा। उसने मेरी नाइटी पूरी उतार दी। “भाभी, आपकी चूत देखनी है,” उसने कहा और मेरी टाँगें फैला दीं। मेरी चूत नंगी होकर चमकने लगी।
रोहन ने अपनी जीभ मेरी चूत पर फेर दी। “आह्ह, रोहन, चाटो, मेरी चूत का रस पी जाओ!” मैं चिल्लाई। उसकी जीभ मेरी चूत के होंठ चूस रही थी। “भाभी, आपकी चूत का स्वाद गज़ब है,” रोहन ने कहा और अपनी पैंट उतार दी। उसका मोटा लंड बाहर निकला—लंबा, सख्त और गरम। “रोहन, ये तो मेरी चूत फाड़ देगा!” मैंने डरते हुए कहा। उसने हँसते हुए कहा, “भाभी, आपकी चूत को फाड़ने का मज़ा ही अलग है।”
उसने मेरी चूत पर लंड रगड़ा। “पहले आपकी चूत चोदूँगा,” रोहन ने कहा और एक ज़ोरदार धक्का मारा। “आह्ह, रोहन, मेरी चूत फट गई!” मेरी चीखें कमरे में गूँज उठीं। उसने तेज़ी से धक्के मारने शुरू किए। “भाभी, आपकी चूत तो मेरे लंड को निगल रही है,” रोहन ने कहा। मेरी गांड हर धक्के के साथ हिल रही थी। “रोहन, और जोर से चोद, मेरी प्यास बुझा दे!” मैं चिल्लाई। मेरी चूत से रस टपक-टपक कर बिस्तर पर गिर रहा था।
चुदाई का नशा चढ़ गया। रोहन ने मुझे बिस्तर पर कुतिया बनाया। “अब आपकी गांड में लंड डालूँगा,” उसने कहा और मेरी गांड पर थप्पड़ मारा। “मारो, रोहन, मेरी गांड लाल कर दो!” मैंने कहा। उसने अपना मोटा लंड मेरी गांड में पेल दिया। “आह्ह, मेरी गांड फट गई, और तेज़!” मेरी चीखें तेज़ हो गईं। “भाभी, आपकी गांड बहुत टाइट है,” रोहन ने कहा। मेरी चूत से रस बह रहा था, और मैंने अपनी उंगलियाँ अपनी चूत में डाल दीं। “रोहन, मेरी चूत और गांड दोनों को चोदो!” मैं सिसक उठी।
चुदाई का खेल बढ़ गया। रोहन ने मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरे ऊपर चढ़ गया। “अब आपकी चूत को गहरा चोदूँगा,” उसने कहा और लंड मेरी चूत में ठोक दिया। “आह्ह, रोहन, मेरी चूत चीर डालो!” मैं चिल्लाई। उसका लंड मेरी चूत की गहराई तक जा रहा था। “भाभी, आपकी चूत को चोद-चोद कर ढीली कर दूँगा,” रोहन ने कहा और मेरे चूचों को मसलते हुए धक्के मारे। “चोदो मुझे, रोहन, मुझे अपने लंड का मज़ा दो!” मेरी सिसकियाँ तेज़ हो गईं। बिस्तर हमारी चुदाई से हिल रहा था।
रोहन ने मुझे दीवार से सटा दिया। “भाभी, आपके होंठ चूसूँगा,” उसने कहा और मेरे होंठ चूसने लगा। “आह्ह, रोहन, मेरे होंठ दबा दो!” मैंने कहा। उसने मेरे होंठों को काटा और कहा, “भाभी, आपके होंठ तो शहद हैं।” मैंने उसका लंड पकड़ा और मसलते हुए कहा, “रोहन, मेरी चूत को फिर चोदो!” उसने मुझे बिस्तर पर पटका और मेरी चूत में लंड ठोका। “आपकी चूत और गांड दोनों को रस से भर दूँगा,” रोहन ने चीखते हुए कहा। “और जोर से चोदो, मेरी प्यास बुझा दो!” मैं चिल्लाई।
रात गहराने लगी। रोहन ने मुझे बाथरूम में ले जाया। “भाभी, यहाँ आपकी चूत को चोदूँगा,” उसने कहा और मुझे शावर के नीचे खड़ा कर दिया। पानी मेरे नंगे जिस्म पर बह रहा था। “रोहन, पानी में चुदाई का मज़ा लो!” मैंने कहा। उसने मुझे दीवार से सटाया और मेरी चूत में लंड ठोका। “आह्ह, रोहन, और जोर से!” मैं चिल्लाई। पानी हमारे जिस्म पर बह रहा था, और मेरी चूत उसके लंड को गीला कर रही थी। “भाभी, आपकी चूत मेरे लंड की दीवानी है,” रोहन ने कहा।
सुबह होने को थी। रोहन ने मुझे अपनी गोद में बिठाया। “भाभी, अब आपकी गांड फिर चोदूँगा,” उसने कहा और मुझे उल्टा कर दिया। “रोहन, मेरी गांड में लंड डाल दो!” मैंने सिसकते हुए कहा। उसने मेरी गांड में लंड पेल दिया। “आह्ह, मेरी गांड फट गई, और तेज़!” मेरी चीखें कमरे में गूँज रही थीं। “भाभी, आपकी गांड मेरे लंड की गुलाम है,” रोहन ने कहा और मुझे रगड़ने लगा। मेरी चूत से रस टपक रहा था। “चोदो मुझे, रोहन, मुझे अपनी रंडी बना दो!” मैं चिल्लाई।
आख़िर में रोहन का लंड फट पड़ा। उसका गरम रस मेरी चूत में भर गया, फिर मेरी गांड में, और बाक़ी मेरे चूचों और होंठों पर छिड़क गया। “आह्ह, रोहन, तुम्हारा रस मेरे मुँह में डालो,” मैंने कहा और उसके लंड से टपकता रस चाट लिया। हम दोनों हाँफते हुए बिस्तर पर गिर पड़े। “रोहन, तुमने मुझे सच में खुश कर दिया,” मैंने हँसते हुए कहा। “भाभी, अब हर रात ऐसी ही होगी,” रोहन ने जवाब दिया। उसकी चुदाई की गर्मी मेरे जिस्म में समा गई थी।