अपने से कम उम्र के लड़के से चुदना अच्छा लगता है – रानी भाभी की ज़ुबानी

अपने से कम उम्र के लड़के से चुदना अच्छा लगता है – रानी भाभी की ज़ुबानी

“हाय, मेरा नाम रानी है, और मुझे अपने से कम उम्र के लड़कों के साथ मस्ती करना पसंद है। उस रात जब शादी का शोर थम गया, और चाँद आसमान में चमक रहा था, मैंने सोचा कि आज अपने प्यारे देवर राहुल के साथ कुछ गर्म मज़ा लिया जाए। राहुल मुझसे 5 साल छोटा है, 21 का जवान लड़का, और उसकी मासूमियत में छुपी शरारत मुझे हमेशा उत्तेजित करती है। मुझे लगता है, इन नौजवान लड़कों में एक अलग सी आग होती है, जो मेरी चूत को तरसा देती है।

मैंने लाल साड़ी पहनी, वो जो मेरी भरी हुई चूचियों को कसकर पकड़ती है और मेरी मोटी गांड को उभारती है। छत पर जाते वक्त मेरी चूत पहले से गीली हो चुकी थी, सोच रही थी कि राहुल का मोटा लंड आज मुझे कैसे जन्नत दिखाएगा। जब मैं ऊपर पहुँची, राहुल चाँद को देख रहा था। ‘राहुल, अकेले क्या कर रहा है?’ मैंने अपनी नशीली आवाज़ में पूछा। उसने शरमाते हुए कहा, ‘बस चाँद देख रहा हूँ, भाभी।’ मैं पास बैठ गई, मेरा पल्लू हवा में लहराया, और उसकी नज़र मेरी गहरी नाभि और उभरी चूचियों पर ठहर गई। ‘हाय, राहुल, तू कितना शरारती है,’ मैंने मन में सोचा।

‘चाँद से अच्छा कुछ और देखना चाहेगा?’ मैंने आँख मारते हुए कहा। वो हड़बड़ा गया, पर मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपनी ओर खींच लिया। ‘आज तुझे वो मज़ा दूँगी जो तूने सपने में भी नहीं सोचा,’ मैंने सोचा और अपने गर्म होंठ उसके होंठों पर रख दिए। उफ्फ, उसकी जीभ मेरे मुँह में घुसी, और मैंने उसे चूसना शुरू किया। ‘राहुल, कितने नर्म होंठ हैं तेरे,’ मैंने सिसकारी भरी। वो भी जोश में आ गया, और मुझे कसकर पकड़ लिया।

‘अब मेरी चूचियों को आज़ाद कर, राहुल,’ मैंने फुसफुसाते हुए कहा और उसका हाथ अपनी छाती पर रख दिया। उसने मेरी भारी चूचियों को मसला, और मैं चीख पड़ी, ‘हाय, और ज़ोर से दबा, मुझे दर्द में मज़ा आता है!’ मेरा पल्लू नीचे सरक गया, और मेरी गोरी, गोल चूचियाँ चाँदनी में चमक उठीं। ‘चूस इन्हें, राहुल, मेरे निप्पल सख्त हो गए हैं,’ मैंने कहा। उसने मेरी चूची को मुँह में लिया, ज़ोर-ज़ोर से चूसा, और मैं सिसक रही थी, ‘आह्ह… राहुल, तू कितना मस्त चूसता है, मेरी चूत गीली हो गई!’ मुझे अपने से कम उम्र के लड़के का ऐसा जोश देखकर पागलपन चढ़ रहा था।

‘अब नीचे लेट जा, देवर जी, मैं तुझे अपनी चूत का स्वाद दूँगी,’ मैंने शरारती अंदाज़ में कहा। मैंने उसकी पैंट खोली, और जब उसका लंड बाहर आया, मेरी आँखें फटी रह गईं। ‘हाय राम, कितना मोटा और सख्त है तेरा लंड,’ मैंने कहा और उसे हाथ में लेकर सहलाया। वो सिसक उठा, ‘भाभी, क्या कर रही हो?’ ‘तेरे लंड को तैयार कर रही हूँ, राहुल,’ मैंने हँसते हुए कहा। मैंने अपनी साड़ी ऊपर उठाई, मेरी चिकनी जाँघें और टपकती चूत उसके सामने थी। ‘देख, राहुल, मेरी चूत कितनी गर्म और गीली है,’ मैंने कहा और उस पर बैठ गई।

जब उसका लंड मेरी चूत में घुसा, मैं चीख पड़ी, ‘उफ्फ… कितना टाइट फिट है!’ उसका मोटा लंड मेरी चूत को चीरता हुआ अंदर गया, और मैं सिसक रही थी, ‘हाय, राहुल, अपने से कम उम्र का लंड लेने का मज़ा ही अलग है!’ मैं ऊपर-नीचे होने लगी, मेरी चूचियाँ उछल रही थीं, और वो उन्हें पकड़कर मसल रहा था। ‘धक्के मार, राहुल, मेरी चूत को फाड़ दे,’ मैं चिल्लाई। उसने नीचे से कमर उठाई, और हर धक्के के साथ मेरी गांड हवा में थिरक रही थी। ‘मेरी गांड को थपथपा,’ मैंने कहा, और उसने मेरी मोटी गांड पर ज़ोर से चाँटा मारा। ‘हाय, और मारो, मुझे जलन हो रही है,’ मैं चीख रही थी।

‘तेरा लंड मेरी चूत को पागल कर रहा है, राहुल,’ मैं सिसक रही थी। मुझे अपने से कम उम्र के लड़के की ताकत का हर पल मज़ा आ रहा था। मेरी चूत गीली और गर्म थी, और उसका लंड हर धक्के में मुझे जन्नत दिखा रहा था। ‘भाभी, मैं झड़ने वाला हूँ,’ उसने कहा। ‘अंदर ही झड़ जा, राहुल, मुझे तेरे गर्म माल का एहसास चाहिए,’ मैंने कहा। जब उसका माल मेरी चूत में भरा, मैं थरथराते हुए उसके ऊपर ढेर हो गई। ‘हाय, राहुल, तेरा लंड मेरी चूत का दीवाना बन गया,’ मैंने फुसफुसाया।

‘मुझे अपने से कम उम्र के लड़के से चुदना हमेशा अच्छा लगेगा,’ मैंने सोचा, और उस रात चाँदनी में हमारा वो गर्म खेल मेरे दिल में बस गया। ‘ये हमारा छोटा सा राज़ रहेगा, राहुल,’ मैंने कहा, और वो शरमाते हुए मुस्कुरा दिया।”