साली की चुदाई की कहानी

Jija Sali Sex Story – मेरा नाम अजय है, और मैं 30 साल का हूँ। मेरी पत्नी, रानी, 28 साल की है—गोरी, भरे हुए चूचे, और मोटी गांड वाली। हमारी शादी को 3 साल हो चुके हैं, और हमारा सेक्स जीवन मस्त चल रहा है। लेकिन पिछले महीने रानी की छोटी बहन, यानी मेरी साली, काव्या, हमारे घर रहने आई। काव्या 22 साल की है—पतली कमर, गोरी चमड़ी, और उसके चूचे और गांड इतने मस्त थे कि मेरा लंड उसे देखते ही खड़ा हो जाता था। काव्या कॉलेज की छुट्टियों में हमारे घर आई थी, और उसकी मासूमियत के पीछे एक शरारती अंदाज़ छुपा था।

एक दिन की बात है। रानी को अपने ऑफिस के काम से 2 दिन के लिए बाहर जाना पड़ा। “अजय, काव्या का ध्यान रखना, वो अभी छोटी है,” रानी ने जाते वक्त कहा। मैंने हँसते हुए कहा, “रानी, तुम चिंता मत करो, मैं अपनी साली को अच्छे से संभाल लूँगा।” लेकिन मेरे दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। उस रात काव्या ने एक टाइट टॉप और शॉर्ट्स पहने थे, जिसमें उसकी टाँगें और चूचे साफ़ उभर रहे थे। “जीजा, आप आज बहुत स्मार्ट लग रहे हो,” काव्या ने शरारती अंदाज़ में कहा। मैंने हँसते हुए कहा, “काव्या, तू भी तो बहुत हॉट लग रही है, साली साहिबा।”

रात के 10 बजे थे। हम दोनों लिविंग रूम में बैठकर एक मूवी देख रहे थे। मूवी में एक हॉट सीन आया, और काव्या ने मेरी तरफ देखकर कहा, “जीजा, आपने कभी दीदी को ऐसे चूमा है?” उसकी बात सुनकर मेरा लंड खड़ा हो गया। “काव्या, तू बहुत शरारती साली है,” मैंने कहा और उसके करीब सरक गया। उसने मेरी आँखों में देखा और फुसफुसाया, “जीजा, मुझे भी चूमकर देखो ना।” यह सुनते ही मैं बेकाबू हो गया।

मैंने काव्या को अपनी बाहों में खींच लिया। “काव्या, अपनी साली की चूत को आज चोदूँगा,” मैंने कहा और उसके टॉप को उतार दिया। उसके चूचे नंगे हो गए। “क्या मस्त चूचे हैं, साली,” मैंने कहा और एक निप्पल को मुँह में भर लिया। “आह्ह, जीजा, चूसो, मेरी चूत गीली हो रही है!” काव्या सिसक उठी। मैंने उसके शॉर्ट्स और पैंटी उतार दी। “काव्या, तेरी चूत देखनी है,” मैंने कहा और उसकी टाँगें फैला दीं। उसकी चूत नंगी होकर चमकने लगी।

मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर फेर दी। “आह्ह, जीजा, चाटो, मेरी चूत का रस पी जाओ!” काव्या चिल्लाई। उसकी चूत से रस टपक रहा था। “काव्या, तेरी चूत का स्वाद गज़ब है, साली,” मैंने कहा और अपनी पैंट उतार दी। मेरा मोटा लंड बाहर निकला। “जीजा, ये तो बहुत बड़ा है, मेरी चूत फट जाएगी!” काव्या ने डरते हुए कहा। मैंने हँसते हुए कहा, “काव्या, अपनी साली की चूत को फाड़ने का मज़ा ही अलग है।”

मैंने काव्या की चूत पर लंड रगड़ा। “पहले तेरी चूत चोदूँगा,” मैंने कहा और एक ज़ोरदार धक्का मारा। “आह्ह, जीजा, मेरी चूत फट गई!” काव्या की चीखें लिविंग रूम में गूँज उठीं। मैंने तेज़ी से धक्के मारने शुरू किए। “काव्या, तेरी चूत तो मेरे लंड को निगल रही है,” मैंने कहा। उसकी गांड हर धक्के के साथ हिल रही थी। “जीजा, और जोर से चोदो, अपनी साली की प्यास बुझा दो!” काव्या चिल्लाई। उसकी चूत से रस टपक-टपक कर सोफे पर गिर रहा था।

चुदाई का नशा चढ़ गया। मैंने काव्या को सोफे पर कुतिया बनाया। “अब तेरी गांड में लंड डालूँगा,” मैंने कहा और उसकी गांड पर थप्पड़ मारा। “मारो, जीजा, मेरी गांड लाल कर दो!” काव्या ने कहा। मैंने अपना मोटा लंड उसकी गांड में पेल दिया। “आह्ह, मेरी गांड फट गई, और तेज़!” काव्या की चीखें तेज़ हो गईं। मैंने धीरे-धीरे धक्के बढ़ाए। “काव्या, तेरी गांड बहुत टाइट है,” मैंने कहा। उसकी चूत से रस बह रहा था, और मैंने अपनी उंगलियाँ उसकी चूत में डाल दीं। “जीजा, मेरी चूत और गांड दोनों को चोदो!” काव्या सिसक उठी।

चुदाई का खेल बढ़ गया। मैंने काव्या को लिविंग रूम से बेडरूम में ले जाया। “अब तेरी चूत को गहरा चोदूँगा,” मैंने कहा और उसे बिस्तर पर लिटाकर लंड उसकी चूत में ठोक दिया। “आह्ह, जीजा, मेरी चूत चीर डालो!” काव्या चिल्लाई। मेरा लंड उसकी चूत की गहराई तक जा रहा था। “काव्या, तेरी चूत को चोद-चोद कर ढीली कर दूँगा,” मैंने कहा और उसके चूचों को मसलते हुए धक्के मारे। “चोदो मुझे, जीजा, मुझे अपने लंड का मज़ा दो!” उसकी सिसकियाँ तेज़ हो गईं। बिस्तर हमारी चुदाई से हिल रहा था।

मैंने काव्या को दीवार से सटा दिया। “काव्या, तेरे होंठ चूसूँगा,” मैंने कहा और उसके होंठ चूसने लगा। “आह्ह, जीजा, मेरे होंठ दबा दो!” काव्या ने कहा। मैंने उसके होंठों को काटा और कहा, “काव्या, तेरे होंठ तो शहद हैं।” उसने मेरा लंड पकड़ा और मसलते हुए कहा, “जीजा, मेरी चूत को फिर चोदो!” मैंने उसे बिस्तर पर पटका और उसकी चूत में लंड ठोका। “तेरी चूत और गांड दोनों को रस से भर दूँगा,” मैंने चीखते हुए कहा। “और जोर से चोदो, जीजा, अपनी साली की प्यास बुझा दो!” काव्या चिल्लाई।

रात गहराने लगी। मैंने काव्या को बाथरूम में ले जाया। “काव्या, यहाँ तेरी चूत को चोदूँगा,” मैंने कहा और उसे शावर के नीचे खड़ा कर दिया। पानी उसके नंगे जिस्म पर बह रहा था। “जीजा, पानी में चुदाई का मज़ा लो!” काव्या ने कहा। मैंने उसे दीवार से सटाया और उसकी चूत में लंड ठोका। “आह्ह, जीजा, और जोर से!” काव्या चिल्लाई। पानी हमारे जिस्म पर बह रहा था, और उसकी चूत मेरे लंड को गीला कर रही थी। “काव्या, तेरी चूत मेरे लंड की दीवानी है,” मैंने कहा।

सुबह होने को थी। मैंने काव्या को अपनी गोद में बिठाया। “काव्या, अब तेरी गांड फिर चोदूँगा,” मैंने कहा और उसे उल्टा कर दिया। “जीजा, मेरी गांड में लंड डाल दो!” काव्या ने सिसकते हुए कहा। मैंने उसकी गांड में लंड पेल दिया। “आह्ह, मेरी गांड फट गई, और तेज़!” उसकी चीखें बेडरूम में गूँज रही थीं। “काव्या, तेरी गांड मेरे लंड की गुलाम है,” मैंने कहा और उसे रगड़ने लगा। उसकी चूत से रस टपक रहा था। “चोदो मुझे, जीजा, मुझे अपनी रंडी बना दो!” काव्या चिल्लाई।

आख़िर में मेरा लंड फट पड़ा। मेरा गरम रस काव्या की चूत में भर गया, फिर उसकी गांड में, और बाक़ी उसके चूचों और होंठों पर छिड़क गया। “आह्ह, जीजा, तुम्हारा रस मेरे मुँह में डालो,” काव्या ने कहा और मेरे लंड से टपकता रस चाट लिया। हम दोनों हाँफते हुए बिस्तर पर गिर पड़े। “जीजा, आपने मुझे जन्नत दिखा दी,” काव्या ने हँसते हुए कहा। “काव्या, मेरी साली, हर रात अब ऐसी ही होगी,” मैंने जवाब दिया। उसकी चुदाई की गर्मी मेरे जिस्म में समा गई थी।