Meri Shahar ki Bhabhi Sex Story : मेरा नाम विक्की है, उम्र 27 साल। मैं दिल्ली के एक मोहल्ले में रहता हूँ। मेरा जिस्म मज़बूत है—चौड़ी छाती, मोटा लंड, और एक ऐसी भूख जो किसी की चूत को तबाह कर सकती है। मेरे पड़ोस में रहती थी रेखा भाभी—32 साल की, गोरी, भरी हुई चूचियाँ, पतली कमर, मोटी जाँघें, और एक ऐसी गांड जो उसकी टाइट साड़ी में मटकती थी। उसका पति एक सरकारी नौकरी में था, जो अक्सर दौरे पर रहता था। रेखा भाभी की जवानी सुलग रही थी—उसके गुलाबी होंठ, उसकी कमर की लचक, और उसकी चूतड़ों की थिरकन मुझे रातों को तड़पाती थी। वो मुझे देखकर शरारती मुस्कान देती, और उसकी आँखों में हवस की चमक साफ दिखती थी।
एक दिन दोपहर को मैं घर पर अकेला था। गर्मी से मेरा लंड बेकाबू हो रहा था। अचानक दरवाजे की घंटी बजी। मैंने दरवाजा खोला, तो रेखा भाभी खड़ी थीं। उसने लाल साड़ी पहनी थी, जो उसके जिस्म से चिपक रही थी। उसकी चूचियाँ ब्लाउज़ में कैद होने को तड़प रही थीं, और उसकी गांड साड़ी में लहरा रही थी। “विक्की, मेरे घर का नल खराब हो गया है, क्या देख सकते हो?” उसने मासूमियत से कहा, लेकिन उसकी आँखों में शरारत थी। मैं तैयार हो गया और उसके घर चला गया।
उसके घर में घुसते ही उसने दरवाजा बंद कर दिया। वो मेरे करीब आई, और उसकी गर्म साँसें मेरे चेहरे पर टकराईं। “भाभी, नल कहाँ है?” मैंने पूछा, लेकिन मेरा ध्यान उसकी चूचियों पर था। “नल तो बहाना था, विक्की,” उसने फुसफुसाया और मेरी कमर पर हाथ रख दिया। मैं सिहर उठा। उसने मेरे होंठों पर एक जंगली किस कर दिया। उसकी जीभ मेरे मुँह में घुस गई, और वो मेरे होंठों को चूसने लगी। उसका किस इतना गर्म था कि मेरा लंड पैंट में तड़पने लगा। मैंने उसकी साड़ी का पल्लू खींच डाला, और उसकी गोरी चूचियाँ ब्लाउज़ में उभर आईं। “भाभी, तेरी चूचियाँ कितनी मस्त हैं,” मैंने गुर्राया। मैंने उसका ब्लाउज़ फाड़ डाला, और उसकी रसीली चूचियाँ मेरे सामने नंगी हो गईं। मैंने उसकी एक चूची को अपने मुँह में लिया और उसे ज़ोर से चूसने लगा। मेरी जीभ उसके निप्पल पर नाच रही थी, और मेरा दूसरा हाथ उसकी दूसरी चूची को मसल रहा था। वो सिसकारियाँ भर रही थी, “विक्की, मेरी चूचियाँ चूसो, मेरी जवानी को चखो!”
मैंने उसकी साड़ी पूरी तरह उतार दी। उसकी मोटी जाँघें नंगी हो गईं, और उसकी गांड मेरे सामने थी। मैंने उसका पेटीकोट खींचकर फेंक दिया, और उसकी पैंटी फाड़ डाली। उसकी गुलाबी चूत मेरे सामने चमक रही थी, गीली और गर्म। “भाभी, तेरी चूत और गांड देखकर मेरा लंड तड़प रहा है,” मैंने कहा। मेरी उंगलियाँ उसकी चूत को रगड़ने लगीं, और वो चीख उठी। मैंने उसके चूतड़ों को जकड़ा और उन्हें ज़ोर से दबाया। उसकी कमर मचल रही थी। “विक्की, मेरी चूत को चाटो,” उसने सिसकते हुए कहा। मैंने उसकी जाँघें फैलाईं और उसकी चूत को अपनी जीभ से चूम लिया। मेरी जीभ उसकी चूत में घुस गई, और वो चीख रही थी। मैंने उसकी चूत को चाटा, उसका गर्म रस मेरे होंठों पर फैल गया। उसने मेरे बाल जकड़े और मुझे और गहराई में खींच लिया। उसकी चूत मेरे मुँह में टपक रही थी।
मैंने अपनी पैंट उतारी, और मेरा मोटा लंड उसके सामने नंगा हो गया। “विक्की, तेरा लंड कितना मस्त है,” उसने सिसकते हुए कहा। उसने मेरे लंड को अपने नरम हाथों में लिया और उसे ज़ोर से सहलाने लगी। मेरे जिस्म में आग भड़क उठी। मैंने उसे सोफे पर पटक दिया और उसके ऊपर चढ़ गया। मेरी जाँघें उसकी जाँघों को कुचल रही थीं, और मेरा लंड उसकी चूत से टकरा रहा था। मैंने उसके चूतड़ उठाए और उसे अपनी ओर खींच लिया। “भाभी, अब तेरी चूत की चुदाई होगी,” मैंने गुर्राया। मैंने उसके होंठों पर एक और जंगली किस किया, मेरी जीभ उसकी चूचियों तक सरकी, और मैंने उसके निप्पल को काट लिया। मेरा हाथ उसकी कमर को मसल रहा था, और मेरी उंगलियाँ उसकी चूत को रगड़ रही थीं।
मैंने अपने लंड को उसकी चूत में सटा दिया और एक ज़ोरदार धक्का मारा। उसकी चीख हवा में गूँज उठी, “विक्की, तेरा लंड मेरी चूत को फाड़ देगा!” मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अंदर घुस गया। मैंने उसकी कमर जकड़ी और उसे चोदना शुरू कर दिया। मेरे हर धक्के से उसकी चूचियाँ उछल रही थीं, और उसकी गांड मेरे लंड से टकरा रही थी। “विक्की, और ज़ोर से चोदो, मेरी चूत को तबाह कर दो!” उसने चीखकर कहा। मैंने उसकी चूत में अपने लंड को और गहराई तक ठूँसा, और उसे पूरी ताकत से चोदा। उसकी चूत की गर्मी मेरे लंड को जला रही थी। मैंने उसकी चूचियों को पीछे से पकड़ा और उन्हें मसल दिया। मेरी उंगलियाँ उसके निप्पल को नोच रही थीं, और वो मेरे लंड की हर रगड़ का मज़ा ले रही थी। उसकी गांड मेरे धक्कों से लाल हो गई थी।
मैंने उसे उल्टा किया। उसकी गांड ऊँची हुई, और उसके चूतड़ मेरे सामने थिरक रहे थे। मैंने उसकी जाँघें फैलाईं और उसकी चूत में पीछे से अपना लंड घुसा दिया। “भाभी, तेरी गांड मस्त है,” मैंने कहा और उसकी चुदाई शुरू कर दी। उसकी चीखें तेज़ हो गईं, और मैंने उसके चूतड़ों पर थप्पड़ मारे। उसकी चूत मेरे लंड को निचोड़ रही थी। मैंने उसे रसोई में ले जाकर काउंटर पर चोदा। उसकी चूचियाँ हिल रही थीं, और उसकी चूत मेरे लंड को निगल रही थी। उसने मेरी कमर जकड़ ली और चीखी, “विक्की, मेरी चूत फाड़ दो!” मैंने उसकी गांड को मसला और उसे और ज़ोर से चोदा। उसकी चूत मेरे लंड से टकरा रही थी, और उसकी सिसकारियाँ पूरे घर में गूँज रही थीं।