Saas Damad Group Sex Story – मेरा नाम सुनीता है, और मैं 48 साल की हूँ। मैं एक विधवा हूँ, और मेरा पति 8 साल पहले गुजर गया था। मेरा शरीर अभी भी भरा हुआ है—गोरी चमड़ी, मोटे चूचे, और भारी गांड। मेरे पति के जाने के बाद मेरी चूत की प्यास कोई नहीं बुझा सका। मेरे दो दामाद हैं—अजय, 30 साल का, और विक्रम, 28 साल का। दोनों मज़बूत और जवान हैं, और उनकी पैंट में उभरते लंड मुझे हमेशा तड़पाते थे। मेरी दोनों बेटियाँ, रीना और मीना, अपने पतियों के साथ मेरे घर पर एक पारिवारिक समारोह के लिए आई थीं।
रात की बात है। समारोह के बाद रीना और मीना अपनी-अपनी खोली में सो गईं। मैं अपने कमरे में लेटी थी, और मेरी चूत में खुजली हो रही थी। मैंने एक पतली नाइटी पहनी थी, जिसमें मेरे चूचे और गांड साफ़ दिख रहे थे। तभी मेरे कमरे का दरवाजा खुला, और अजय और विक्रम अंदर आए। “सासू माँ, आप सोई नहीं?” अजय ने पूछा। “नहीं, बेटा, नींद नहीं आ रही,” मैंने शरमाते हुए कहा। “तो आज हम आपकी नींद पूरी करेंगे,” विक्रम ने गरम लहजे में कहा।
मैं डर गई। “ये क्या कह रहे हो?” मैंने पूछा, लेकिन मेरी चूत गीली हो रही थी। अजय ने दरवाजा बंद किया और मेरे करीब आ गया। “सासू माँ, आपकी चूत को आज हम दोनों चोदेंगे,” उसने कहा और मेरी नाइटी फाड़ दी। मेरे चूचे नंगे हो गए। “क्या मस्त चूचे हैं, सासू माँ,” विक्रम ने कहा और एक निप्पल को मुँह में भर लिया। “आह्ह, विक्रम, चूसो,” मैं सिसक उठी। अजय ने दूसरा निप्पल चूसना शुरू कर दिया। “आह्ह, अजय, और जोर से!” मेरी चूत से रस टपकने लगा।
उन्होंने मेरी नाइटी पूरी उतार दी। “सासू माँ, आपकी चूत देखनी है,” अजय ने कहा और मेरी टाँगें फैला दीं। मेरी चूत नंगी होकर चमकने लगी। विक्रम ने अपनी जीभ मेरी चूत पर फेर दी। “आह्ह, विक्रम, चाटो, मेरी चूत का रस पी जाओ!” मैं चिल्लाई। अजय ने मेरे होंठ चूसने शुरू कर दिए। “सासू माँ, आपके होंठ तो शहद हैं,” उसने कहा। “आह्ह, अजय, मेरे होंठ दबा दो!” मैं सिसक उठी।
विक्रम ने अपनी पैंट उतार दी। उसका मोटा लंड बाहर निकला—लंबा, सख्त और गरम। “सासू माँ, ये लंड आपकी चूत में जाएगा,” उसने कहा। अजय ने भी अपनी पैंट उतार दी। “और ये आपकी गांड में,” उसने हँसते हुए कहा। “दोनों एक साथ?” मैंने डरते हुए पूछा। “हाँ, सासू माँ, आज आपकी चूत और गांड दोनों फाड़ देंगे,” विक्रम ने कहा।
विक्रम ने मेरी चूत पर लंड रगड़ा और एक ज़ोरदार धक्का मारा। “आह्ह, विक्रम, मेरी चूत फट गई!” मेरी चीखें कमरे में गूँज उठीं। उसी वक्त अजय ने मेरी गांड में लंड पेल दिया। “आह्ह, अजय, मेरी गांड फट गई!” मैं चिल्लाई। दोनों ने एक साथ धक्के मारने शुरू किए। “सासू माँ, आपकी चूत और गांड दोनों टाइट हैं,” विक्रम ने कहा। “और जोर से चोदो, मेरी प्यास बुझा दो!” मैं चिल्लाई। मेरी चूत से रस टपक-टपक कर बिस्तर पर गिर रहा था।
चुदाई का नशा चढ़ गया। उन्होंने मुझे बिस्तर पर कुतिया बनाया। विक्रम मेरी चूत में लंड ठोक रहा था, और अजय मेरी गांड में। “सासू माँ, आपकी गांड मेरे लंड को निगल रही है,” अजय ने कहा। “और आपकी चूत मेरे लंड की दीवानी है,” विक्रम ने हँसते हुए कहा। “दोनों और जोर से चोदो, मुझे अपनी रंडी बना दो!” मैं चिल्लाई। मेरी चीखें तेज़ हो गईं।
चुदाई का खेल बढ़ गया। अजय ने मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरे ऊपर चढ़ गया। “अब आपकी चूत को गहरा चोदूँगा,” उसने कहा और लंड मेरी चूत में ठोक दिया। विक्रम ने मेरा मुँह खोला और अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया। “सासू माँ, मेरा लंड चूसो,” उसने कहा। “आह्ह, अजय, मेरी चूत चीर डालो! विक्रम, तुम्हारा लंड बहुत मज़ेदार है!” मैं सिसक उठी। अजय मेरी चूत चोद रहा था, और मैं विक्रम का लंड चूस रही थी।
फिर उन्होंने पोजीशन बदली। विक्रम मेरी गांड में लंड ठोकने लगा, और अजय ने मेरा मुँह चोदना शुरू कर दिया। “सासू माँ, आपकी गांड बहुत टाइट है,” विक्रम ने कहा। “और आपका मुँह मेरे लंड को चूसने में मज़ा दे रहा है,” अजय ने हँसते हुए कहा। “दोनों और तेज़ चोदो, मुझे जन्नत दिखा दो!” मैं चिल्लाई।
रात गहराने लगी। उन्होंने मुझे बाथरूम में ले जाया। “सासू माँ, यहाँ आपकी चूत और गांड दोनों चोदेंगे,” अजय ने कहा और मुझे शावर के नीचे खड़ा कर दिया। पानी मेरे नंगे जिस्म पर बह रहा था। विक्रम ने मुझे दीवार से सटाया और मेरी चूत में लंड ठोका। “आह्ह, विक्रम, और जोर से!” मैं चिल्लाई। अजय ने मेरी गांड में लंड पेल दिया। “आह्ह, अजय, मेरी गांड फट रही है!” मैं सिसक उठी। पानी हमारे जिस्म पर बह रहा था, और मेरी चूत और गांड दोनों उनके लंड से रगड़ खा रही थीं।
सुबह होने को थी। उन्होंने मुझे बिस्तर पर लिटाया। “सासू माँ, अब आपकी चूत और गांड में रस डालेंगे,” विक्रम ने कहा। दोनों ने एक साथ अपने लंड मेरी चूत और गांड में ठोके। “आह्ह, और तेज़!” मैं चिल्लाई। आख़िर में दोनों के लंड फट पड़े। उनका गरम रस मेरी चूत और गांड में भर गया, और बाक़ी मेरे चूचों और होंठों पर छिड़क गया। “आह्ह, आप दोनों का रस मेरे मुँह में डालो,” मैंने कहा और उनके लंड से टपकता रस चाट लिया। हम तीनों हाँफते हुए बिस्तर पर गिर पड़े।
“सासू माँ, आपने हमें जन्नत दिखा दी,” अजय ने हँसते हुए कहा। “और आप दोनों ने मेरी चूत की प्यास बुझा दी,” मैंने जवाब दिया। “अब हर रात ऐसी ही होगी,” विक्रम ने कहा। उनकी चुदाई की गर्मी मेरे जिस्म में समा गई थी।